जनहित, सड़क सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण चालक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआरटीओ प्रशासन एवं प्रवर्तन रुड़की की टीम ने क्षेत्र में संचालित मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थानों के खिलाफ विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसके चलते एक संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि एक प्रशिक्षण वाहन को सीज कर दिया गया।
निरीक्षण केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया। टीम ने संस्थानों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, प्रशिक्षकों की योग्यता, प्रशिक्षण उपकरणों, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली, सिमुलेटर मशीन, प्रशिक्षण वाहनों और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की।
सबसे पहले आर०आर० सिनेमा के पास स्थित सेव मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय संस्थान का स्वामी, प्रबंधक अथवा प्रशिक्षक मौके पर मौजूद नहीं मिला।जांच में पाया गया कि संस्थान निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहा था। परिसर प्रशिक्षण संस्थान की बजाय आवासीय उपयोग जैसा प्रतीत हुआ। आवश्यक सूचना बोर्ड, यातायात संबंधी प्रदर्श सामग्री, सिमुलेटर मशीन एवं बायोमेट्रिक मशीन खराब अवस्था में मिलीं।
प्रशिक्षण रजिस्टर, उपस्थिति पंजिका, प्रशिक्षुओं का रिकॉर्ड और अन्य अनिवार्य दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। संस्थान संचालक को तत्काल कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा मान्यता समाप्ति या बंदी की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दूसरा निरीक्षण आदर्श नगर स्थित साकुम्भरी मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में किया गया, जहां स्थिति और भी गंभीर पाई गई।जांच में सामने आया कि संस्थान में कार्यरत प्रशिक्षक निर्धारित योग्यता मानकों के अनुरूप नहीं थे। उनके पास आवश्यक व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस, अनुभव प्रमाणपत्र और तकनीकी प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं थे।
साथ ही संस्थान में सिमुलेटर मशीन, बायोमेट्रिक मशीन, कंप्यूटर प्रणाली, सड़क संकेतक बोर्ड, यातायात चिन्हों के चार्ट, प्राथमिक उपचार पेटिका सहित आवश्यक प्रशिक्षण उपकरणों का अभाव मिला। अभिलेखों का समुचित संधारण भी नहीं किया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण वाहन संख्या UK17TA 0992 की जांच में उसका टैक्स अद्यतन नहीं पाया गया। वाहन की यांत्रिक स्थिति भी खराब थी और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। सीटें अव्यवस्थित थीं तथा वाहन प्रशिक्षण के लिए सुरक्षित नहीं पाया गया।इस पर कार्रवाई करते हुए वाहन का चालान कर उसे सीज कर दिया गया। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए संस्थान को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील कर दिया गया है। संचालक को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया है।
तीसरा निरीक्षण शिवालिक्स स्थित एलाइट मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का किया गया, जो वर्तमान में नवीनीकरण प्रक्रिया के कारण बंद मिला। संचालक को निर्देशित किया गया कि नवीनीकरण पूर्ण होने के बाद ही संस्थान का संचालन किया जाए। एआरटीओ प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत चालक प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।भविष्य में भी ऐसे विशेष निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों एवं वाहनों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण अभियान में एआरटीओ प्रशासन रुड़की जितेन्द्र चंद, एआरटीओ प्रवर्तन कृष्ण पलड़िया, सोनू कुमार, विकास,अंसारी, प्रमोद आर्य, शोहेब, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद, डीबीए नितिन जोशी एवं सचिन चौधरी मौजूद रहे।

