समर्पण दिवस में श्रद्धालुओं ने उनके आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प
संत निरंकारी सभा द्वारा मानवता, करुणा, विनम्रता और विश्व बंधुत्व के प्रतीक युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की पावन स्मृति को समर्पित ‘समर्पण दिवस’ श्रद्धा, भक्ति एवं समर्पण भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा बाबा जी के दिव्य जीवन दर्शन को नमन कर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया।
अपर कालाबड़ स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में देहरादून से पधारे महात्मा सचिन पंवार जी ने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का पावन संदेश संगत के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा हरदेव सिंह जी केवल संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक गुरु ही नहीं थे, बल्कि वे प्रेम, सहजता, सहनशीलता और मानवीय संवेदनाओं के सजीव स्वरूप थे। उनकी मधुर वाणी, विनम्र व्यक्तित्व एवं दिव्य दृष्टिकोण ने असंख्य लोगों के जीवन को आत्मज्ञान एवं आध्यात्मिक चेतना से आलोकित किया। बाबा जी ने सदैव यही संदेश दिया कि सच्चा जीवन वही है, जो प्रेम, सेवा, नम्रता और समर्पण से परिपूर्ण हो।

महात्मा सचिन पंवार जी ने कहा कि ‘समर्पण दिवस’ केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि उस दिव्य जीवन दर्शन को आत्मसात करने का पावन पर्व है, जो प्रत्येक मानव को प्रेम, सेवा, सह अस्तित्व एवं विनम्रता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह दिवस प्रत्येक हृदय को यह स्मरण कराता है कि महान आत्माएं अपने कर्म, विचार एवं आदर्शों के माध्यम से सदैव जीवित रहती हैं तथा युगों तक मानवता का मार्ग आलोकित करती रहती हैं।
उन्होंने कहा कि बाबा हरदेव सिंह जी ने अपने दिव्य नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन को विश्व स्तर पर नई पहचान प्रदान की है। उनके मार्गदर्शन में मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं को आध्यात्मिक दिशा देने जैसे अनेक लोक कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त धारा प्रवाहित की है। उनका स्पष्ट संदेश था कि ईश्वर की सच्ची भक्ति मानव सेवा के माध्यम से ही सार्थक होती है।

सत्संग में उन्होंने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के वर्तमान दिव्य मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि सतगुरु माता जी प्रेम, सेवा, संयम एवं आध्यात्मिक चेतना के संदेश को निरंतर जन जन तक पहुंचा रही हैं। उनके करुणामयी सान्निध्य में संत निरंकारी मिशन मानवता को आत्मबोध, नैतिक मूल्यों एवं विश्व बंधुत्व के पथ पर अग्रसर कर रहा है।
सत्संग के दौरान पूरा वातावरण श्रद्धा, भक्ति एवं सत्संग रस से सराबोर रहा। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने बाबा जी के आदर्शों को अपने जीवन में धारण करते हुए मानवता, प्रेम, भाईचारे एवं निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सतगुरु के जयघोष एवं सामूहिक अरदास के साथ हुआ।

