चार वार्डों वाली नवसृजित नगर पंचायत में चुनावी बिगुल बजा, अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित; 1984 मतदाता करेंगे पहली सरकार का चयन।
चंपावत जिले की नवसृजित पाटी नगर पंचायत में पहली बार होने जा रहे निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्र से नगर पंचायत बने पाटी में पहली बार नगर सरकार चुनने को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नई नगर पंचायत को चार वार्डों — रानीचौड़, न्यू कॉलोनी, जौलाड़ी और पूनाकोट — में विभाजित किया गया है। नगर पंचायत में कुल 1984 मतदाता हैं, जो पहली बार अपने जनप्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। इनमें महिला आरक्षित रानीचौड़ वार्ड में 465 मतदाता, न्यू कॉलोनी वार्ड में 619, जौलाड़ी वार्ड में 603 जबकि अनुसूचित जाति आरक्षित पूनाकोट वार्ड में सबसे कम 297 मतदाता दर्ज किए गए हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित होने से चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प माना जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी संभावित प्रत्याशी अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुट गए हैं। गांव-गांव और बाजारों में चुनावी चर्चाओं ने माहौल को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया है। तहसील परिसर में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय सिंह को अध्यक्ष पद का रिटर्निंग अधिकारी बनाया गया है, जबकि डीडीओ स्तर के अधिकारियों को वार्डों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि नामांकन के पहले दिन किसी भी प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल नहीं किया।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी कमल मेहता के अनुसार नई नगर पंचायत का क्षेत्रफल करीब 2.72 वर्ग किलोमीटर है। फिलहाल यहां स्थायी रूप से अधिशासी अधिकारी और 10 पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है, जबकि अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से की जा रही है। नगर पंचायत को फिलहाल एक सहायक लेखाकार और एक जूनियर इंजीनियर भी उपलब्ध कराया गया है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 29 मई तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी। 30 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 31 मई तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकेंगे। 1 जून को चुनाव चिन्हों का आवंटन होगा। मतदान 9 जून को कराया जाएगा तथा 11 जून को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। पहली बार नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद पाटी क्षेत्र में विकास की नई उम्मीदें जगी हैं। ऐसे में इस चुनाव को केवल राजनीतिक मुकाबले के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्र के भविष्य और विकास की दिशा तय करने वाले चुनाव के तौर पर भी देखा जा रहा है।

