अभिलाषा समिति पिथौरागढ़ के अंतर्गत संचालित अभिलाषा एकेडमी डीडीहाट में इस वर्ष होली का पर्व पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के संदेश के साथ अनूठे रूप में मनाया गया।
“वनाग्नि विहिन हिमालय अभियान” के तहत छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों के साथ मिलकर पेड़ों पर प्रतीकात्मक रूप से अवीर-गुलाल अर्पित कर वनों को आग से बचाने और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और संरक्षण का भी अवसर है। बच्चों ने वनाग्नि से होने वाले दुष्परिणामों पर जागरूकता व्यक्त करते हुए हिमालयी वनों की रक्षा का आह्वान किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. किशोर कुमार पंत ने कहा कि वर्तमान समय में वनाग्नि हिमालयी क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। ऐसे में विद्यालय स्तर से ही पर्यावरणीय चेतना विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। प्रबंधक चंचल सिंह ने विद्यार्थियों की इस पहल को सराहनीय बताते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में प्रेरक कदम बताया। प्रधानाचार्या डॉ. अनीता जोशी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्य ज्ञान नहीं, बल्कि प्रकृति और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक तैयार करना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने वनों को आग से बचाने, जल स्रोतों के संरक्षण तथा जैव विविधता के संवर्धन हेतु सामूहिक संकल्प लिया।
यह अनूठी होली क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक और प्रेरक संदेश देने में सफल रही।


