जिले के डणा कुलेठी गांव और लोहाघाट क्षेत्र में आग ने भारी तबाही मचाई। डणा कुलेठी गांव में एक दो मंजिला मकान भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह राख के ढेर में तब्दील हो गया, जबकि लोहाघाट के पाटन गांव में एक गौशाला आग में जलकर नष्ट हो गई। ग्रामीण द्वारा आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। दमकल वाहन भी पहुंच गया था लेकिन सड़क न होने के कारण वह अपनी सेवाएं नहीं दे पाया।
बहरहाल दो परिवारों को अपनी गौशाला, घास एवं गाय का चारा व संतुलित पशु आहार जलकर राख हो गया। उधर डणां कुलेठी गांव में सबसे हैरान करने वाली स्थिति उस समय सामने आई जब फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल से मात्र डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर मौजूद होने के बावजूद समय पर आग बुझाने में नाकाम रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दमकल वाहन में पानी बहुत कम था, जिसके चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। हालात ऐसे बने कि 14 किलोमीटर दूर लोहाघाट से फायर ब्रिगेड की सेवाएं लेनी पड़ीं, तब जाकर आग पर नियंत्रण पाया गया।
डणां कुलेठी गांव में आग ने उस समय विकराल रूप ले लिया जब मौके पर रखे दो गैस सिलेंडर फट गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता और संसाधनों की कमी के कारण सभी प्रयास विफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही अपर जिला अधिकारी के.एन. गोस्वामी, तहसीलदार बृजमोहन आर्य और कोतवाल बी.एस. बिष्ट मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। गृह स्वामी ने बताया कि अचानक लगी आग में उनकी पूरी गृहस्थी और जीवनभर की पूंजी जलकर खाक हो गई। फिलहाल प्रभावित परिवार को ग्रामीणों ने अपने यहां शरण दी है।


