संजू पुरोहित सम्पादक
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि नशा अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि हर परिवार और पूरे समाज की समस्या बन चुका है। जिला स्तरीय एनकोट समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होकर पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना होगा, तभी इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि नशे की लत युवाओं में जंग की तरह फैलती जा रही है और किसी भी परिवार को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि यह समस्या उनके घर तक नहीं पहुंचेगी।
थोड़े से आर्थिक लाभ के लिए बच्चों का सुनहरा भविष्य बर्बाद करने वाले लोग समाज के दुश्मन हैं और ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध नशे का कारोबार युवाओं को गर्त में धकेल रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि युवाओं को विशेष रूप से रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। स्कूलों और कॉलेजों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि रोकथाम के साथ-साथ जनजागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।
डीएम ने जानकारी दी कि कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 1933 पर नशे से संबंधित सूचना गोपनीय रूप से दे सकता है। इसके अतिरिक्त मानस पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में प्रशासन का सहयोग करें। बैठक में पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी कार्य को गंभीरता, ईमानदारी और लगन से किया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्ण गोस्वामी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


