खीर गंगा आपदा के 115 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित बसाने की तैयारी
अगस्त 2025 में खीर गंगा नदी में आई आपदा से प्रभावित धराली गांव के परिवारों के स्थायी विस्थापन की प्रक्रिया को प्रशासन ने तेज कर दिया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को तहसील भटवाड़ी के अंतर्गत चिन्हित भूमि का भूगर्भीय निरीक्षण शुरू किया गया। प्रशासन का उद्देश्य उन 115 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाना है, जिनके मकान आपदा के दौरान मलबे में दब गए थे और जिनके पास वर्तमान में स्थायी आवास की व्यवस्था नहीं है।
भूगर्भीय निरीक्षण के दौरान सहायक भूवैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने बताया कि विस्थापन प्रक्रिया के प्रथम चरण में अब तक 30 परिवारों द्वारा चिन्हित की गई भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान राजस्व उपनिरीक्षक हर्षिल और स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में भूमि की भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा तथा भविष्य में संभावित स्थिरता की गहन जांच की गई, ताकि विस्थापन के लिए सुरक्षित स्थान का चयन किया जा सके।
उपजिलाधिकारी भटवाड़ी के समन्वय में चल रही इस प्रक्रिया की विस्तृत भूगर्भीय आख्या शीघ्र ही जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके आधार पर विस्थापन के अगले चरण को स्वीकृति दी जाएगी और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन प्रभावित परिवारों ने अभी तक अपनी प्रस्तावित भूमि की जानकारी तहसील कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई है, वे जैसे ही सूचना देंगे, उनके भूखंडों का भी तत्काल भूगर्भीय निरीक्षण कराया जाएगा। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विस्थापन की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए, ताकि आपदा प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द स्थायी राहत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग से तेजेन्द्र सिंह नेगी, राकेश चन्द्र भट्ट, भूवैज्ञानिक टीम के सदस्य तथा ग्रामीण गोविंद सिंह, भागवत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


