पुलिस पूर्व में मुख्य आरोपी सहित 6 आरोपियों को भेज चुकी है जेल
पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में लिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था। एसएसपी ने फरार आरोपी के ऊपर ढाई हजार का ईनाम घोषित किया हुआ था।
गौरतलब है कि 5 सितंबर वर्ष 24 एक स्थानीय महिला यास्मीन ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि बोहरा कंपनी के डायरेक्टर भीम सिंह के कहने पर उसने 100 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से कंपनी में एक वर्ष की अवधि हेतु खाता खोला था। जिसमें 36 हजार 500 रुपए की धनराशि जमा हुई थी। पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा कि निर्धारित समय पूर्ण होने के पश्चात भी कंपनी द्वारा पूर्ण ब्याज सहित धनराशि वापिस नहीं की गई तथा कंपनी के संचालकों द्वारा अपना कार्यालय बंद कर उसके साथी धोखाधड़ी की गई। कोतवाली पुलिस द्वारा पीड़िता की तहरीर पर धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की गई थी।
गठित पुलिस टीम जांच के उपरांत मुख्य अभियुक्त दिलीप सिंह बोहरा सहित चार अन्य सह आरोपियों भीम सिंह, बालकरण, सुरेंद्र सिंह नेगी एवं सूरजमणि सेमवाल को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान यह बात नहीं प्रकाश में आई कि उक्त आरोपियों द्वारा बोहरा ग्रामीण विकास निधि लिमिटेड नामक कंपनी संचालित की गई थी। जिसके माध्यम से कई लोगों से धनराशि जमा कराकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता पाए जाने पर विवेचक द्वारा मुकदमे में धारा 3(5), 61(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस तथा धारा 3, 21(3) बड्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई।
इस मामले में संलिप्त एक आरोपी प्यारेराम गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से अपने ठिकाने बदल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी फरार आरोपी प्यारेराम के ऊपर ढाई हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था।
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा आरोपी प्यारेराम (50 वर्ष) पुत्र छोटेराम हाल निवासी माजरी लालतप्पड़ डोईवाला (देहरादून) को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैद्यानिक कार्यवाही की जा रही है।

