ईद उल फितर के पावन अवसर पर रुड़की में सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने ईदगाह के समीप स्टॉल लगाकर नमाज अदा कर लौट रहे नमाजियों का भव्य स्वागत किया। इस दौरान नमाजियों पर पुष्प वर्षा की गई और खजूर, मिठाई व अन्य मिष्ठान खिलाकर उन्हें ईद की मुबारकबाद दी गई। रुड़की की पहचान एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब के रूप में सामने आई, जहां सभी धर्मों के लोग मिलजुल कर हर त्योहार मनाते हैं। यहां हिंदू समाज के लोगों ने जहां मुस्लिम भाइयों को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी, वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी नवरात्रि की शुभकामनाएं देकर आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।
पूर्व मेयर यशपाल राणा ने कहा कि रुड़की हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल रहा है। यहां हर धर्म के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। ईद का त्योहार प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है, जिसे सभी को अपनाना चाहिए। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि रुड़की की सबसे बड़ी ताकत इसकी एकता और आपसी सौहार्द है। यहां ईद हो या नवरात्रि, हर त्योहार पूरे उत्साह और मिलजुल कर मनाया जाता है। यही हमारी संस्कृति और परंपरा की असली पहचान है।
प्रदेश महासचिव सचिन गुप्ता ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं। जब लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं, तो आपसी विश्वास और भाईचारा और मजबूत होता है।यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव प्रणय प्रताप सिंह ने कहा कि त्योहारों का असली उद्देश्य लोगों को करीब लाना है। रुड़की में जिस तरह सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं, वह पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एडवोकेट चौधरी महिपाल सिंह ने कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब की जो झलक रुड़की में देखने को मिलती है, वह कहीं और कम ही देखने को मिलती है।
यहां सभी वर्ग और धर्म के लोग मिलकर खुशियां मनाते हैं।अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार ब्यूरो के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जैन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करते हैं। यह संदेश देते हैं कि विविधता में ही हमारी असली ताकत छिपी है।ईद के इस मौके पर रुड़की में दिखा यह नजारा न केवल शहर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि आपसी प्रेम, भाईचारा और एकता ही समाज को मजबूत बनाते हैं।


