सोमवार शाम नगर निगम चौक पर चेकिंग अभियान के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यातायात पुलिस को वायरलेस सेट के माध्यम से सूचना मिली कि एक काले रंग की कार तेज गति से नगर निगम चौक की ओर आ रही है और चालक के शराब के नशे में होने की आशंका है। सूचना मिलते ही नगर निगम चौक पर चेकिंग कर रहे यातायात वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुशील सैनी ने अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ सतर्कता बढ़ा दी। कुछ ही देर में संदिग्ध कार सामने से आती दिखाई दी, जिसे रोकने का इशारा किया गया। कार चालक ने वाहन तो रोक दिया, लेकिन नीचे उतरने से इनकार कर दिया।
जब पुलिस ने चालक को बाहर आने के लिए कहा तो उसने पहले गाड़ी को पीछे किया और फिर अचानक तेज रफ्तार से कलियर की ओर भाग निकला। इस दौरान गाड़ी को रोकने के लिए खड़े पुलिसकर्मियों और स्वयं वरिष्ठ उपनिरीक्षक की जान पर बन आई, लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।तत्काल दो यातायात कांस्टेबल मोटरसाइकिल से उसके पीछे रवाना हुए और वायरलेस के जरिए कलियर व आसपास चेकिंग कर रही पुलिस टीमों को सूचना दी गई।
पीछा करते हुए पुलिस ने कुछ दूरी पर कार को घेरकर रोक लिया। जांच में पाया गया कि चालक ने शराब का सेवन किया हुआ था। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है और चालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह की हरकतें कितनी गंभीर और चिंताजनक हैं।


