टनकपुर में आयोजित चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या सुर, ताल और उत्साह से सराबोर रही। भव्य मंच पर देर रात तक गीत–संगीत की ऐसी महफिल सजी कि पूरा पंडाल झूम उठा और दर्शक लोकधुनों पर थिरकते नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड के लोकप्रिय हिमनाद बैंड की ऊर्जावान प्रस्तुति से हुई। शैरी के नेतृत्व में बैंड ने कुमाऊँनी और गढ़वाली लोकगीतों को आधुनिक संगीत संयोजन के साथ प्रस्तुत कर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक धुनों और आधुनिक बीट्स के अनूठे संगम ने पहाड़ की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत कर दिया। आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और साउंड इफेक्ट्स ने माहौल को और भी भव्य बना दिया। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गूंजता रहा।
स्थानीय लोकगायक हरु जोशी ने भी अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से समां बांध दिया। उनकी सुमधुर आवाज और पहाड़ी अंदाज़ ने श्रोताओं को लोक संस्कृति से गहराई से जोड़ दिया। दर्शक देर तक उनकी प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। इसके बाद मंच पर आई गोविंद–खुशी की जोड़ी ने कुमाऊँनी झोड़ा–चांचरी और सुपरहिट गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। “तू घास काटेली”, “गोविंदी”, “ओ लाली हो” और “फ्वा बगा रे” जैसे लोकप्रिय गीतों की धुन बजते ही युवाओं ने खास उत्साह दिखाया और मंच के सामने नृत्य करते नजर आए। पूरा पंडाल ताल और लय में डूब गया और देर रात तक सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण बना रहा। महोत्सव की स्टार नाइट में आज बेबी प्रियंका, इंदर आर्या और श्वेता महारा अपनी प्रस्तुतियों से सुरों का जादू बिखेरेंगे, जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है।


